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चन्द पैसो में बेच कर नवालिग़ लड़की की शादी



BIHAR-
महिलाओं पर दिन व दिन अत्याचार बढ़ता जा रहा है और कुछ खबर इंसानियत को शर्मसार करने करने वाली सामने आती है, जिनके बारे में जानकर सबका सिर शर्म से झुक जाता है बिहार के नरसिंहपुर जिले से सामने आई सनसनी खबर भी उसी श्रेणी में आती है
दरअसल रविवार को  बिहार के बरमान चौकी क्षेत्र से एक नाबालिग बच्ची का अपहरण कुछ दिन पहले हो गया था जिसका खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया अपहरण कर ले जाई गई नाबालिग लड़की को बेचकर उसकी शादी करवा देने के मामले का खुलासा हुआ। एएसपी मनोज सुक्ला ने बताया कि 12 अगस्त को बरमान चौकी में पीडि़ता के पिता ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी नाबालिग लडक़ी को 10 अगस्त को कोई बहला-फुसलाकर ले गया है अपहरण का प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई

चन्द पैसो में बेच कर नवालिग़ लड़की की शादी , INDIA TODAY NEWS
जाँच के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि होशंगाबाद का रहने वाला निक्की शर्मा एवं लक्ष्मी राजपूत जो इटारसी से करेली के बीच ट्रेनों में घूम फिरकर गुटखा पाउच बेचते हैं जिनके द्वारा एक 16-17 साल की नाबालिग लडक़ी जिसका रंग गोरा है को करीब एक सप्ताह से लक्ष्मी राजपूत ने अपने घर पर रखा है और बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं पुलिस टीम ने लक्ष्मी राजपूत के घर पर दबिश दी जहां लक्ष्मी राजपूत पति प्रकाश राजपूत एवं उसका प्रेमी निक्की शर्मा निवासी ग्राम मकोडिया जिला होशंगाबाद मिले
सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों बताया कि 7 जून को उनको इटारसी स्टेशन पर लडक़ी मिली थी, जिसे वे अपने साथ घर ले आए थे. इसके बाद नाबालिग को बेचने के लिए आसू उर्फ ओम प्रकाश एवं गजराज गडरिया निवासी ग्राम फुटेरा जिला अशोकनगर से संपर्क किया | इनके जरिए से नाबालिग का विवाह अशोकनगर में रहने वाले 39 साल के धनश्याम शर्मा के साथ 13 जून को मंदिर में करवा दिया था इसके बदले आरोपियों ने घनश्याम से 60 हजार रुपए भी लिए
इसके बाद पीडि़ता की दस्तयाबी हेतु गठित टीम द्वारा गंजबासौदा, गुलाबगंज, विदिशा, सीहोर, इटारसी एवं अन्य संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी गई एवं प्रकरण से संबंधित सदिग्धों से भी पूछताछ की गई और आरोपियों तक पुलिस पहुंच गई. पुलिस ने बताया कि आरोपी लक्ष्मी राजपूत, निक्की शर्मा, धनश्याम शर्मा को गिरफ्तार किया जा चुका है. आसू उर्फ ओम प्रकाश एवं गजराज गडरिया की तलाश जारी है जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा
इस तरीके से आज भी हमारे देश में नाबालिग बच्चियों को बेचा ख़रीदा जा रहा है और महिलाओं पर अत्यचार दिन दिन बढ़ रहा है मात्र 50000- 60000 रुपए में एक मासूम बच्ची की ज़िन्दगी से खेला जा रहा है ओर जाने कितनी बच्चियों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है


4:26 AM

Panel to prepare blue print of constitution of Chief of Defense Staff, General Rawat may be the first CDS


Prime Minister Narendra Modi has announced the new post of Chief of Defense Staff (CDS), addressing the nation on the occasion of 73rd Independence Day from the ramparts of the Red Fort. It is believed that Army Chief General Vipin Rawat may be the first CDS.

Panel to prepare blue print of constitution of Chief of Defense Staff, General Rawat may be the first CDS, india today news


Blue print-ready panel to constitute Chief of Defense Staff

Senior official sources said that a high level 'Implementation Committee' has been set up regarding the procedures for appointment of Chief of Defense Staff.

This committee will submit its report on November 2019. The 'Implementation Committee' will include members of the Defense Secretary, Chief of Integrated Defense Staff to the Chairman Staff of Staff Committee as well.

26th Army Chief General Rawat is retiring in December 2019. In such a situation, being the most senior military commander, it is possible that he will be made the first CDS.

However, it is not yet clear whether the CDS will be above the three army chiefs or will have equal rank with the other three army chiefs. There is a different opinion in the government about this. Similarly, the tenure of CDS is also unclear.

A senior official said that some important things like foreign coordination, defense-related postings, and task, training, management of forces are done separately on behalf of all three organs, it will definitely come under CDS. Helicopters for management and training, which are used through all three Army wings will also come under CDS.

Former Integrated Defense Staff (IDS) Lieutenant General Satish Dua told Hindustan Times - All these things will be seen by the implementing committee and ultimately a political decision will be taken. He further said that the political leadership has to decide whether CDS will have any role in non-operational things as well.