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अब नौकरी के लिए नही भटकेंगे ग्रेजुएट छात्र


नई दिल्ली : विश्वविद्यालय और कॉलेज से B.A., Bsc, Bcom जैसी नॉन-टेक्नीकल डिग्री पास करने वाले छात्र को आने वाले दिनों में नौकरी के लिए नही भटकना पड़ेगा | भारतीय सरकार ने सभी छात्रों को हुनरमंद बनाने का फैसला किया है और साथ ही साथ उन्हें रूचि के अनुसार चेत्रो में स्किल से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जायेगा जो पूरी तरह निशुल्क रहेगा |

श्रेयस योज़ना से होगा नॉन टेक्निकल छात्रों को फायदा

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इसे लेकर “श्रेयस” स्कीम फॉर हायर एजुकेशन बूथ इन अप्रेटिस एंड स्किल नाम की योज़ना शुरू की है | जिसके तहत यूजीसी ने हाल ही में इसे लेकर सभी विश्वविद्यालय और कॉलेज को अभियान चलाने के निर्देश दिये है जो कि जुलाई के पहले बैच को प्रशिक्षण देने का काम शुरू होगा जिसकी तैयारी तेज़ी से चल रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ा जा सके |

अब नौकरी के लिए नही भटकेंगे ग्रेजुएट छात्र

2022 तक 50 फीसदी छात्रों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य

योज़ना के तहत 2022 तक सारे विश्वविद्यालय और कॉलेजो से निकलने वाले पचास फीसदी नॉन टेक्निकल डिग्रीधारी छात्रों को हुनर मंद बनाने का लक्ष्य रखा है यूजीसी ने छात्रों की मदद के लिए कुछ इंटर्नशिप क्षेत्र की कंपनियों को मुहीम से जोड़ा है जिससे योज़ना से जुड़े छात्रों को कुछ पैसे मिलेंगे जिसका कुछ हिस्सा सरकार कि तरफ से और कुछ हिस्सा उधोग की तरफ से मिलेंगा |

मोजुदा समय में B.A. , Bcom, Bsc जैसे डिग्रीधारी को रोज़गार की लिए भटकना
पड़ता है इसकी मुख्य वजह होती है कि उनके पास कोई स्किल का न होना |
अब इस योज़ना के छात्रों को छह माह से एक साल उनकी रूचि के अनुसार ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि छात्रों को अच्छी कंपनी में आसानी से अच्छी नौकरी मिल सके |

अब नौकरी के लिए नही भटकेंगे ग्रेजुएट छात्र



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